kedarnath
Char Dham Yatra 26/07/2023
🕉️ केदारनाथ धाम यात्रा – भगवान शिव के धाम की दिव्य यात्रा हैं उत्तराखंड की गढ़वाल हिमालय की ऊँची चोटियों के बीच बसा केदारनाथ धाम बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और भगवान शिव को समर्पित है। समुद्र तल से लगभग 3,583 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह धाम श्रद्धा, आस्था और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य का संगम है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने आते हैं। --- केदारनाथ का महत्व केदारनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिन्हें "केदारखंड के ईश्वर" कहा जाता है। यह चारधाम यात्रा (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने भगवान शिव से क्षमा पाने के लिए यहाँ तप किया था। केदारनाथ कैसे पहुँचे 1. हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा – जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून (लगभग 238 किमी)। 2. रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन – ऋषिकेश/हरिद्वार। 3. सड़क मार्ग: बस और टैक्सी सेवाएँ गौरीकुंड तक उपलब्ध। 4. पैदल/ट्रेक: गौरीकुंड से लगभग 16 किमी का पैदल मार्ग तय करके मंदिर पहुँचा जाता है। हेलीकॉप्टर सेवाएँ फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से उपलब्ध हैं। यात्रा का सर्वोत्तम समय मई से जून – मौसम अनुकूल और रास्ते खुले रहते हैं। सितंबर से अक्टूबर – शांत वातावरण और कम भीड़। सर्दियों (नवंबर–अप्रैल) में भारी बर्फबारी के कारण मंदिर बंद रहता है और भगवान केदारनाथ की पूजा उखीमठ में होती है। केदारनाथ के आसपास घूमने योग्य स्थल 🏔️ वासुकी ताल – मंदिर से 8 किमी दूर एक पवित्र झील। 🌊 गांधी सरोवर (चोराबाड़ी ताल) – ग्लेशियर से बना सुंदर ताल। 🛕 भैरवनाथ मंदिर – केदारनाथ धाम के रक्षक देवता को समर्पित। 🌄 गुप्तकाशी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड – यात्रा मार्ग के महत्वपूर्ण पड़ाव। यात्रियों के लिए सुझाव ✅ गरम कपड़े, रेनकोट, ट्रेकिंग शूज़ और ज़रूरी दवाइयाँ साथ रखें। ✅ पहचान पत्र और उत्तराखंड सरकार द्वारा अनिवार्य यात्रा पंजीकरण कराएँ। ✅ हल्का सामान रखें और टॉर्च, पावर बैंक व पानी की बोतल रखें। ✅ बुजुर्ग व दिव्यांग यात्री खच्चर, डोली या हेलीकॉप्टर का विकल्प चुन सकते हैं। निष्कर्ष केदारनाथ धाम यात्रा केवल एक तीर्थयात्रा नहीं बल्कि आत्मा को शांति और ईश्वर से जुड़ाव का दिव्य अनुभव है। हिमालय की गोद में बसे इस पावन धाम से हर श्रद्धालु भगवान शिव का आशीर्वाद और अविस्मरणीय यादें लेकर लौटता है।